न्यूक्लियर हमले से जीवन, कृषि और पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन को रूस के खिलाफ अमेरिकी हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी है, जिसके बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी नई परमाणु नीति को मंजूरी दी। इस नीति के अनुसार, अगर कोई देश किसी परमाणु संपन्न राष्ट्र के साथ मिलकर रूस पर हमला करता है, तो इसे साझा हमला माना जाएगा और रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। इससे दुनिया पर परमाणु हमले का खतरा फिर से बढ़ गया है। पुतिन का यह कदम अमेरिकी मिसाइलों से रूस पर हमला होने के बाद आया, जब यूक्रेन ने रूस के खिलाफ अमेरिकी हथियारों का इस्तेमाल किया।

रूस ने बाइडेन के फैसले को उकसाने वाला कदम बताया है और चेतावनी दी है कि अगर पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर मिसाइल हमले किए गए, तो इसका जवाब उन देशों से लिया जाएगा, जिन्होंने यह इजाजत दी है। रूस के सांसद व्लादिमीर दजाबरोव ने इसे तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ाया कदम बताया। इससे पहले, पुतिन ने एक अंतर्राष्ट्रीय संधि से बाहर निकलने का निर्णय लिया था, जो किसी देश को परमाणु परीक्षण से रोकती थी।

नई नीति के तहत, रूस तब परमाणु हमला कर सकता है जब:

  1. किसी परमाणु संपन्न देश की मदद से रूस पर मिसाइल हमला किया जाए।
  2. अगर रूस पर ड्रोन या बैलिस्टिक मिसाइल से हमला होता है।
  3. अगर हवाई हमला किया जाता है, तो इसे जंग माना जाएगा।
  4. यदि रूस को अपने लोगों और देश की सुरक्षा खतरे में नजर आती है, तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।

हालांकि, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस न्यूक्लियर युद्ध की शुरुआत से बचने की पूरी कोशिश करेगा। पुतिन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि बाहरी हस्तक्षेप की स्थिति में अनदेखी परिणाम होंगे, जो परमाणु हमले की धमकी से जोड़ा गया था।

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