डिजिटल दौर में हमारी सबसे कीमती चीज़ बन चुकी है हमारी पर्सनल जानकारी—मोबाइल नंबर, ई-मेल, आधार, लोकेशन और ऑनलाइन एक्टिविटी। लेकिन अब इस डेटा के गलत इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई होने वाली है। डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2026 के तहत कोई भी कंपनी आपकी इजाजत के बिना आपका फोन नंबर या अन्य निजी जानकारी बेच या शेयर नहीं कर पाएगी।
अगर कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती है, तो उस पर 250 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कानून खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें दिन-भर फालतू के स्पैम कॉल्स, प्रमोशनल मैसेज और फर्जी ऑफर्स परेशान करते हैं।
नए नियमों के मुताबिक, कंपनियों को साफ-साफ बताना होगा कि वे आपका डेटा क्यों और कितने समय तक इस्तेमाल करेंगी। साथ ही, आपको यह अधिकार भी मिलेगा कि आप अपना डेटा डिलीट करवाएं या किसी भी समय अपनी सहमति वापस ले सकें।
इस वीडियो में हम आसान भाषा में समझाएंगे कि डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2026 क्या है, आम आदमी को इससे कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं, स्पैम कॉल्स से कैसे राहत मिलेगी और अगर आपका डेटा गलत तरीके से इस्तेमाल हो तो शिकायत कहां और कैसे करें। पूरी जानकारी के लिए वीडियो अंत तक जरूर देखें और इस जरूरी खबर को दूसरों तक भी पहुंचाएं।

