सौरभ हत्याकांड: जेल में साहिल से मिलने पहुंचीं नानी, बोलीं – “सब कुछ मुस्कान ने किया…”
मेरठ: सौरभ हत्याकांड में मुख्य आरोपी साहिल और मुस्कान को जेल गए छह दिन हो चुके थे, लेकिन उनसे मिलने कोई नहीं आया था। सातवें दिन, बुधवार को साहिल की नानी पुष्पा देवी चौधरी चरण सिंह कारागार पहुंचीं। आधा घंटे की मुलाकात के बाद बाहर आकर उन्होंने दावा किया कि साहिल निर्दोष है और हत्या की पूरी योजना मुस्कान ने बनाई थी। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि साहिल से गलती हुई, बल्कि “अति गलती” हुई।
“जो हुआ, वही राम की इच्छा थी”
पुष्पा देवी ने सौरभ की हत्या पर टिप्पणी करते हुए कहा, “होइहि सोइ जो राम रचि राखा”, यानी जो हुआ, वह पहले से ही तय था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हत्या नहीं होनी चाहिए थी।
साहिल की रहस्यमयी दुनिया और तंत्र विद्या का रहस्य
पुष्पा देवी ने बताया कि साहिल अपने पुश्तैनी मकान के ग्राउंड फ्लोर पर उनके साथ रहता था, जबकि पहली मंजिल पर उसकी अपनी अलग और रहस्यमयी दुनिया थी। उन्होंने दावा किया कि साहिल किसी भी तरह की तंत्र क्रिया में शामिल नहीं था। वह भोले बाबा (भगवान शिव) का भक्त था और उन्हीं की तस्वीरें लगाता था।
मुस्कान से मुलाकात से किया इनकार
जब पुष्पा देवी से पूछा गया कि क्या वह जेल में मुस्कान से मिलीं, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वह कभी भी मुस्कान से नहीं मिलीं, इसलिए जेल में उससे मिलने का कोई मतलब नहीं बनता। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या किसने की और क्यों की, इस पर वह अभी भी भ्रमित हैं।
परिवार पर तंत्र-मंत्र करने के आरोपों को नकारा
साहिल के परिवार पर तंत्र-मंत्र करने के आरोप भी लगे हैं। इस पर पुष्पा देवी ने सफाई देते हुए कहा कि साहिल के दोनों मामा अब इस दुनिया में नहीं हैं और वे कभी भी तंत्र-मंत्र जैसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं थे।
जेल में साहिल और मुस्कान की स्थिति
- साहिल ने जेल में बाल कटवाने की इच्छा जताई थी, जिसे प्रशासन ने पूरा कर दिया।
- फिलहाल, साहिल और मुस्कान को जेल में कोई श्रम कार्य नहीं दिया गया है।
- जेल प्रशासन के अनुसार, 10 दिन पूरे होने के बाद दोनों की बैरक बदली जाएगी और फिर उनकी कार्य प्रणाली तय होगी।
- सुरक्षा कारणों से मुस्कान को अन्य महिला कैदियों से अलग रखा गया है और दो महिला वॉर्डन उसकी निगरानी कर रही हैं।
- साहिल की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन सतर्क है, क्योंकि दो दिन पहले अन्य कैदियों ने उसे पीटा था। अब उसकी सुरक्षा के लिए दो बंदी रक्षक और एक लंबरदार (जेल प्रशासन की सहायता करने वाला सजायाफ्ता कैदी) को तैनात किया गया है।
कानूनी लड़ाई शुरू, वकील की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी
साहिल और मुस्कान के लिए अधिवक्ता नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला विधिक प्राधिकरण को पत्र भेजा गया है, जहां से उनके कानूनी प्रतिनिधित्व पर फैसला लिया जाएगा।
निष्कर्ष
सौरभ हत्याकांड से जुड़े कई राज अब भी बरकरार हैं। जहां साहिल की नानी ने पूरी साजिश का आरोप मुस्कान पर मढ़ दिया है, वहीं खुद साहिल ने जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। अब यह देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या फैसला लेती है और कौन दोषी साबित होता है।